Random thoughts

I am going to write whats happening in my life in form on incidents and I am going to put my random thoughts in between...

Saturday, July 26, 2014

धोखा

धोखा खुद को देतें हैं वो जो कहते हैं कि खुश तो हैं वो
आखौ की नमी को पी कर हसते रहते हैं वो
सपनो दिन बर वो सीते थे और जीते थे वो
हसते थे गाते थे और गुनगुनाते भी थे वो
आखों को बन्द करके कुछ सोचो और हमको याद करने से रोको
हमको भुला दिया कहते है यादो को कैसे भुलोगे
मुनासिब कैसे होगा हमको भुलना कि हम हकीकत हैं कोइ ख़वाब नही
धोखा खुद को देतें हैं वो जो कहते हैं कि खुश तो हैं वो
धोखा खुद को देतें हैं वो जो कहते हैं कि प्यार नहीं है

Saturday, July 19, 2014

Bangalore

आठ रन्गो का इंद़्धनुष देखा है मैने इस शहर के इक रस्ते मे

हर कोइ यहॉ खोता है मौसम की मतवाली सुबह मे
सरपट सरपट हम भी दौडा दिए अपनी कार, सरकार को ले कर

सुरज देता गजब सलामी उठ उठ कर लुक छिप कर

ठन्डी ठन्ठी हवा जो आती है मस्ती सी मन पर छाती है

आठ रंगों का इंद़्धनुष मिलता है केवल इस शहर मे 
क्युकी आठवा रंग एसा है जो मिलता है बस यहीं पर
वो रंग है तुम्हारे साथ का, दोस्ती का, प्यार का ...

Wednesday, July 16, 2014

Resume...

After almost a decade worth of break and losing my blog of 100+ posts to a crash I have decided to resume my blog here. :)

वो पल ....


वो पल कुछ खास थे
जब हम सब साथ थे
खाना, पीना, हसना, रोना
साथ साथ ज़िन्दगी जीना
साथ साथ ज़िन्दगी सीखना
सब कुछ करना और कुछ भी ना करना
अपने पर हसना और बिन बात के रोना
वो पल कुछ खास थे

वो पल कुछ खास थे
जब आप हमारे पास थे
खोए खोए दिन रात थे
बस हम और आप थे
नज़रौ मे अहसास थे
हाथो में हाथ थे
धड़कन को सुनते थे
लमहों को रोकते थे
और ये सोचते थे कि ऐसा होता कि वेसा होता
कि वो शाम कभी ना डूबती
कि वो दिन कभी ना सोता
वो पल कुछ खास थे
जब आप हमारे पास थे

वक्त गुजरता गया और हर पल दिल ये धड़कता रहा
और हर धड़कन पर मिलने की गुज़ारिश भी करता रहा
क्भी रोता रहा और क्भी हस्ता रहा 
बस इक मुलाकात के लिए
इक पल का इनत्जार था हमे
वो पल आया भी तो बस पल के लिए
अब आ गया है तो इस पल में डूब जते हैं
आइएे इस पल को भी ख़ास बनाते हैं
हम और तुम फिर से इक हो जाते हैं
वो पल कुछ खास थे, ये पल भी खास हैं और आने वाले पल भी खास होंगे ....