Random thoughts

I am going to write whats happening in my life in form on incidents and I am going to put my random thoughts in between...

Monday, December 22, 2014

एक बूँद स्याही

एक बूँद स्याही की जो मिल जाती तो कुछ लिख लेता 
कागज को तो बयान अपनी दास्ताँ कर देता 
सोचा की स्याही नहीं तोह अश्क़ तो बहुत हैं हमारे पास 
लेकिन कम्बक्त ये जो अश्क़ है इसका रंग तो है पानी के जैसा 
वो तोह अश्क़ मेरी निगाहो में ना देख पाये 
कि जो लिख दूँ अश्क़ से तो वो कैसे देखेंगे